Wednesday, 31 December 2014

पाखंडियों पर उग्रता क्यों नहीं ......


ये तो संत समाज से जुड़ी घटनाओं से ही निकल कर आया है कि उनमे पाखंड है तो इन सारे साधु संत और धर्म से जुड़े इन फुटकर संगठनों का आक्रोश उन पर क्यों नही हैं । उन्हे सुधारने के प्रयास इनकी ओर से तो नही हो रहे ? कानून व्यवस्था को क्यों ये जेहमद बार बार उठानी पड़ रही है ! यदि धर्म की जिम्मेदारी लेनेे का दावा हैं तो सिर्फ भर्त्सना करके क्या जिम्मेदारी खत्म हो जाती है । इतनी उग्रता यदि पाखंडियों के प्रति दिखाई जाती तो धर्म सड़को पर यो तमाशा न बन रहा होता ।। 

No comments:

Post a Comment